पुराने क्यूबेक का ऐतिहासिक डिस्ट्रिक्ट

चारदीवारी से घिरा यह क्षेत्र पुरातन क्यूबेक के इतिहास का जीवंत साक्षी है। सभी संरचनाएँ चित्ताकर्षक व दर्शनीय हैं। संकरी, आड़ी-तिरछी गालियां पुराने चौराहे, स्मारक, भव्य चर्च। इनमें 1632 ई में निर्मित उत्तरी अमेरिका का पत्थरों से बना चर्च भी है। भवन यूरोप की मध्यकालीन स्थापत्यशैली में निर्मित हैं।

पुरातन क्यूबेक क्यूबेक नगर का ऐतिहासिक डिस्ट्रिक्ट है। 1985 ई में यूनेस्को ने इसको विश्व विरासत के रूप में मान्यता प्रदान कर दी थी। उस समय यह ‘अमेरिका की फ्रेंच सभ्यता का पालना’, ‘चारदीवारी से घिरा शहर’, ‘गहमा-गहमी वाला शहर’ के नाम से प्रसिद्ध था। उत्तरी अमेरिका के एक तिहाई भाग में स्थित क्यूबेक शहर ‘नए फ्रांस’ का प्रशासनिक केंद्र एवं नागरिक, न्याय व्यवस्था, धार्मिक सेवाओं का प्रमुख स्थल था। आक्रमणों।युद्धों, आर्थिक जीवन की उठा-पटक के बीच भी क्यूबेक राजधानी के रूप में कार्य करता रहा। कठिन समय में भी अपनी जीवनशक्ति को संरक्षित रखा और अपनी विरासत को विकसित किया। यहाँ के निवासी अपनी विरासत को सहेजने में गौरव का अनुभव करते हैं। पुरातन क्यूबेक नगरीय विरासत एवं पर्यावरण संरक्षण का अद्वितीय उदाहरण है।

इतिहास-

1535 ई में जैक्स कार्टियर के असफल अभियान के बाद 16वीं सदी में सैम्यूल-द-चेपलेन ने 3 जुलाई, 1608 ई में केप डायमंड पर पहला कदम रखा और सेंट लारेंस नदी के सामने सीधी पहाड़ी पर बस्ती बसाने का फैसला किया। 1620 ई में चेपलेन ने केप डायमंड के ऊपर पहला किला सेंट लुई निर्मित करवाया। इसके चारों तरफ लकड़ी की चारदीवारी थी। 1620-1745 ई के मध्य अंतरीप तथा नदी के मुहाने पर काष्ठ, मिट्टी,पत्थरों से अनेक सुरक्षात्मक संरचनाएँ निर्मित हुई।

वर्तमान किलेबंदी का निर्माण नए फ्रांस के चीफ इंजीनियर द्वारा 1716 ई में तैयार प्रारूप के आधार पर 1745 ई में प्रारम्भ हुआ था। चारदीवारी से बाहर अब्राहम मैदान में 1759 ई में फ्रेंच तथा ब्रिटिश फौजों के बीच युद्ध हुआ। क्यूबेक पर ब्रिटेन का अधिकार हो गया। उस समय तक चारदीवारी बन चुकी थी। बाद में ब्रिटिश इंजीनियर्स ने बुर्ज, निरीक्षण के लिए चार मारटेल गुंबदों का निर्माण करवाया। 1806-1808 के मध्य एक अस्थायी किले का निर्माण हुआ तथा 1820-1831 ई के मध्य इंजीनियर इलियास वाकर डर्नफोर्ड के निरीक्षण में स्थायी किला निर्मित हुआ।

नगर का विकास निरंतर हो रहा था अतः किलेबंदी को ढहाने का दबाव बढ़ने लगा। 1871 ई में ब्रिटिश सेना के वापिस जाते ही यह काम शुरू हो गया। पुराने नगर में जाने वाले मार्ग को सुविधाजनक बनाने के लिए कुछ प्रवेशद्वारों व बाहरी भाग को तोड़ा गया लेकिन नए गवर्नर जनरल लॉर्ड डफरिन के आते ही तोड़-फोड़ बंद हो गयी। उसने किलेबंदी का संरक्षण तथा विकास आरंभ कर दिया। सैन्य विरासत तथा नगर के सौंदर्य से मुग्ध हो कर उसने किले के साथ-साथ चलने का मार्ग तथा दोनों तरफ पार्क बनवाए गए। तोड़े गए प्रवेशद्वारों का पुनर्निर्माण व डरहम टेरेस का विस्तार किले तक करवा दिया। जनसामान्य ने लॉर्ड डफरिन के कार्यों की खुल कर प्रशंसा की।

1928 ई में क्यूबेक की प्रांतीय सरकार ने क्यूबेक के संरक्षण, संवर्धन के लिए एक समिति गठित की। इसमें पुरातन क्यूबेक की स्थापत्य धरोहर के लिए विशेष प्रावधान था। पर्यटन की अपार संभावनाओं तथा विकास के दृष्टिकोण से यह निर्णय लिया गया था। परिणाम आशाजनक थे।

1960 ई में प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे उत्तरदायित्व के साथ काम किया। 1963 ई में पुरातन क्यूबेक को ऐतिहासिक डिस्ट्रिक्ट घोषित कर दिया गया। 1972 ई में रॉयल पैलेस का पुनर्निर्माण तथा 1985 ई में ‘म्यूज़ियम ऑफ सिविलाइज़ेशन’ स्थापित किया गया। पुनर्निर्माण व जीर्णोद्धार के कारण पुरातन क्यूबेक की दृश्यावली, संकरी गलियाँ, सार्वजनिक स्थल पुनः जीवंत हो उठे थे। सार्वजनिक निवेश के कारण पुरातन की धरोहर के विकास में नूतन ऊर्जा उत्पन्न हो गयी थी।

पिछले चार सौ वर्षों में पुरातन क्यूबेक को अनेक विकास प्रक्रियाओं में से गुजरना पड़ा। यह विकासचक्र आज भी गतिमान है। किलेबंदी, प्रवेशद्वारों, चेत्यू फ़्रांटनेक, टावर का गिराया जाना दुर्भाग्यपूर्ण था। इस पर भी यहाँ की जनता ने सहयोगी भागीदारों की सहायता से पुरातन क्यूबेक को संरक्षित किया। आज यह विरासत अतीत की अपेक्षा अधिक बेहतर है तथा आने वाले दिनों में ज़्यादा बेहतर होने की संभावना है।

वर्तमान में पुरातन क्यूबेक नगर का क्षेत्र विस्तीर्ण हो गया है लेकिन मूल नगर में 5,000 लोग रहते हैं। आज भी वहाँ पर पुरातन सभ्यता,संस्कृति अपने मूलरूप में संरक्षित है। प्रतिवर्ष 12 लाख विदेशी पर्यटक इस मनोरम स्थल पर घूमने-फिरने तथा यहाँ के अतीत में झाँकने के लिए आते हैं। अनेक पर्यटक तो क्रूज जहाजों से आते हैं।

चित्ताकर्षक दृश्यावली के कारण यह कैनेडा का सर्वाधिकबैठ कर लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। घोड़ागाड़ी में बैठ कर नगर के चारों तरफ 4.6 कि मी लम्बी चारदीवारी की सैर का आनंद लेना अविस्मरणीय अनुभूति है। परकोटों पर खड़े हो कर यहाँ से नीचे संकरी गलियों और मकानों की ढलुआं छतों का दृश्य देखा जा सकता है।

नदी के साथ पुरातन क्यूबेक का बेस विले (लोअर टाउन) है। यह नगर का सबसे पुराना भाग है। यहाँ पर 16वीं तथा 17वीं शताब्दी में निर्मित चित्ताकर्षक संरचनाएँ हैं। 1608 ई में सैम्यूल-द-चेपलेन ने नए फ्रांस की नींव रखी थी। इन संरचनाओं का नवनिर्माण किया गया है। चट्टान तथा नदी के तट पर अनेक दुकानें व रेस्टौरेंट हैं। 1879 ई से चल रही काँच के एलिवेटर फनीक्यूलर से भी ऊपर नीचे जाया जा सकता है।

म्यूज़ियम-

पुरातन क्यूबेक के नवनिर्मित क्षेत्रों में 27 म्यूज़ियम हैं। अधिकांश दर्शनीय स्थान अपर टाउन तथा लोअर टाउन में ही हैं। लोअर टाउन का ‘म्यूज़ियम ऑफ सिविलाइज़ेशन’ विशिष्ट रूप से दर्शनीय है।

म्यूज़ियम ऑफ सिविलाइज़ेशन में क्यूबेक के प्रांतीय इतिहास के साथ-साथ विश्व की अन्य सभ्यताओं की शिल्पाकृतियाँ संग्रहीत हैं।यहाँ पर पारस्परिक गतिविधियों के माध्यम से सभी आयु वर्ग के लोगों को शिक्षण दिया जाता है। भूकंपों तथा सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं की अनुभूति की जा सकती है। People of Quebec प्रदर्शनी में नगर तथा समाज के विकास में योगदान करने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों से मुलाक़ात होती है। मानव निर्मित विभिन्न प्रकार की पोशाकें,ध्वज, सिक्के धार्मिक वस्तुएँ तथा अस्त्र-शस्त्र संग्रहीत हैं।

म्यूज़ियम ऑफ फ्रेंच अमेरिका का गिरजाघर विशिष्ट रूप से चित्ताकर्षक है। म्यूज़ियम ऑफ क्यूबेक स्थापत्यशैली के दृष्टिकोण से अद्वितीय है। यह क्यूबेक का सर्वाधिक विशिष्ट म्यूज़ियम है। इसमें क्यूबेक की कला तथा इतिहास के दस्तावेज़ संरक्षित है।

फ्रांटेनेक होटल-(Chateau Frontenac)

परीदेश जैसा किलेनुमा होटल फ़्रांटेनेक होटल क्यूबेक की पहचान है। यह पुरातन क्यूबेक के ऐतिहासिक डिस्ट्रिक्ट के अपर टाउन में स्थित है। इसका डिजाइन ब्रूस प्राइस ने तैयार किया था और कैनेडियन पैसिफिक रेलवे कम्पनी ने निर्माण किया था। ऊंची पहाड़ी पर स्थित इस होटल का उदघाटन 1893 ई में हुआ था। इसमें 18 मंज़िलें हैं। ग्रांड रेलवे होटल्स द्वारा निर्मित होटलों में से एक है। 1981 ई में इसको कैनेडा की राष्ट्रीय ऐतिहासिक स्थल घोषित कर दिया था। तीन बार होटल का विस्तार किया गया। यहाँ से सेंट लारेंस नदी की मनोरम दृश्यावली दिखाई देती है।

ओल्ड पोर्ट –

पुरातन क्यूबेक का एक अन्य मुग्धकारी आकर्षण है वहाँ की पुरानी बन्दरगाह है। सेंट लारेंस नदी के किनारे के साथ-साथ पैदल अथवा बाइसिकल पर सैर करने से तन-मन में नूतन ऊर्जा का संचरण होने लगता है। सेंट लारेंस नदी में अनेक क्रूज जहाज़ लंगर डाले रहते हैं । किनारे पर स्थित हैं अनेक छोटी-छोटी गलियाँ। क्यूबेक मार्केट की एंटिक स्टोर, आर्ट गैलरियां दर्शनीय हैं, खरीददारी भी की जा सकती है। विश्राम करने व खाने-पीने के लिए अनेक रेस्टौरेंट है। इसकी भव्य, चित्ताकर्षक दृश्यावली में चार चाँद लगा देते हैं यहाँ के पुराने ऐतिहासिक भवन जिन में किसी समय थोक व्यापारी और सौदागर रहते थे।रात हो या दिन बन्दरगाह का अपना अनूठा आकर्षण है।

रयू सेंट जीन-

रयू सेंट जीन क्यूबेक की प्राचीनतम व्यापारिक गली रही है। 19वीं सदी में व्यापारी बड़ी संख्या में यहाँ आकर बस गए थे और अपना कारोबार शुरू कर दिया था। कारोबार में दिन दोगुनी और रात चौगुनी तरक्की हुई। जल्दी ही गली को चौड़ा करना पड़ा। अब यह एक लोकप्रिय आकर्षण का केंद्र है। गाने-बजाने वालों, इधर-उधर दौड़ते भागते कामगरों और विंडों शॉपिंग करते पर्यटकों की भीड़ देखी जा सकती है। कवि और संगीतकार गिलेस विग्नौल्ट ने अपने काव्य में सलाह दी है कि शानदार जीवन जीने के लिए रयू सेंट जीन गली में शॉपिंग करना और लोगों से मिलना-जुलना लाभदायक है।

रयू सेंट जीन ब्रिटिश विजय के उपरांत चारदीवारी से बाहरी क्षेत्र को जोड़ने वाला प्रमुख प्रवेश द्वार था। नोटरे-डैम-द -क्यूबेक चर्च के दूसरी तरफ स्थित मार्केट ग्राहकों और व्यापारियों के आकार्षण का प्रमुख केंद्र थी। चारदीवारी के भीतर की जनसंख्या में भी निरंतर वृद्धि हो रही थी इस लिए व्यापारी, सेल्समैन, दुकानदार, कारीगर और कलाकार सभी रयू सेंट जीन की तरफ खींचे चले आते। अनेक लोगों ने तो अपने घरों से ही काम करना शुरू कर दिया था।

संकरी गली लोगों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही थी। 1889 ई म्युनिसिपल पार्षद क्यरील डूकुएट, जो घड़ीसाज़ भी था और 1878 ई में टेलीफोन हैंडसेट का आविष्कार किया था, गली को चौड़ी करने की परियोजना पर काम शुरू कर दिया। दक्षिण में निर्मित घरों को ढहा कर कुछ दूर निर्मित किया गया।

1960-1970 ई में रयू सेंट जीन में नवजागरण हुआ और नगर की नाइट लाइफ में प्रतिसंस्कृति आंदोलन का प्रमुख केंद्र बन गया। आगामी दशकों में गली का नवनिर्माण हुआ और यह संगीतकारों, उत्सवों,तथा गायको का केंद्र बन गयी। समय-समय पर यहाँ पर केवल पैदल यात्री ही चल सकते हैं। चर्च,कैफे, रेस्टौरेंट, ऐतिहासिक भवन सभी कुछ तो दर्शनीय है।

ल-द-पैलेस –

1982-1990 ई के बीच लावा यूनिवर्सिटी के पुरातात्विक विभाग ने इंटेंडेंट’स पैलेस के स्थान पर उत्खनन करने पर पाया कि 1668 से लेकर अब तक इस स्थान पर कभी न कभी एक ब्रिवरी, ईंटेंडेंट पैलेस, शाही भंडार, कारागार, आवासीय भवन , बेकरी, सिटी पार्क अंततः एक अन्य पुरातत्विक स्थल मौजूद थे यहाँ पर 18वीं सदी के पुरातत्विक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक क्षण संरक्षित हैं। 3डी तकनीक के माध्यम से देख सकते हैं टेलोन की ब्रिवरी, इंटंडेंट्स पैलेस,सम्राट के बंदीगृह व भंडार तथा बोसवेल ब्रिवरी। 14वीं सदी से लेकर अब तक के इतिहास को पर्दे पर दिखाया जाता है।

पार्लियामेंट बिल्डिंग-

अपर टाउन में चारदीवारी से ठीक बाहर पार्लियामेंट हिल है। यहाँ पर अनेक सरकारी भवन, प्रसिद्ध ‘प्लेन्स ऑफ अब्राहम तथा भव्य ग्रांड अल्ली स्थित है। पार्लियामेंट हिल पर मुग्धकारी शैली में निर्मित पार्लियामेंट भवन तथा उसके सामने के प्रांगण में है मनमोहक फव्वारा। पार्लियामेंट भवन का निर्माण 1877-1886 ई के बीच हुआ था।विशाल चौकोर प्रांगण में न्निर्मित इस के चार भाग चित्ताकर्षक है। स्थापत्यशैली पैरिस के लुव्रे म्यूज़ियम से प्रभावित है। यह क्यूबेक नगर का फ्रेंच शैली में निर्मित एकमात्र सरकारी संस्थान है। प्राचीनतम ऐतिहासिक स्थल और क्यूबेक सरकार का कार्यालय भी यहीं पर है। यहाँ पर नेशनल असेम्बली चैंबर, विधायकों के बैठने का स्थान, लेजिस्लेटिव काउंसिल रूम, स्पीकर की गैलेरी और प्रसिद्ध रेस्टौरेंट ल-पार्लियामेंटेयर भी दर्शनीय हैं। इसमें क्यूबेक की राजनीति पर प्रभाव डालने वाले पुरुषों एवं महिलाओं का जीवनवृत्त वर्णित है। बिल्डिंग के बाहर उनकी स्मृति में 26 कांस्य प्रतिमाएँ स्थापित हैं।

पार्लियामेंट बिल्डिंग से कई आश्चर्यजनक तथ्य जुड़े हैं।

  • पार्लियामेंट भवन के ऊपर गुंबद पर निर्मित पुरातन क्लाक का समय प्रति सप्ताह 15 सेकेंड पीछे हो जाता है। टाइम कीपर आन्द्रे विगर के अनुसार प्रत्येक सेकेंड अमूल्य है। 55 साल से घड़ीसाज़ का काम कर रहा वह प्रत्येक मंगलवार को घड़ी का टाइम ठीक करता है। पुराने मकैनिकल क्लाक को ठीक करने वाले कुछ व्यक्तियों में से एक है।
  • खूबसूरत बाग- नेशनल असेंबली के खूबसूरत बाग देख कर पर्यटक मंत्र मुग्ध रह जाते हैं। यहाँ पर है सब्जियों का बाग जिसमें तरह-तरह की सब्जियाँ, जड़ी बूटियाँ, खाने वाले फलों के पौधे देसी तरीके से उगाये जाते हैं। छत पर मधुमक्खियों के छत्ते भी लगे हैं। 2017 ई मे 250,000 मधुमक्खियों से तैयार किये गए 175 किलो शहद को ( Boutique de l’ Assembl’ee) में बेचा गया।
  • सार्वजनिक रूप से खुली नेशनल असेंबली लायब्रेरी पढ़ने अथवा अध्ययन करने के लिए सर्वाधिक शांत स्थल है। दीवारें, फर्श, सीढ़ियाँ सात तरह के शानदार संगमरमर से बनी हैं। यह एक आश्चर्यजनक तथ्य है कि स्तंभों के संगमरमर में पचास मिलियन पुराने जीवाश्म और कवच रहित जीव भी हैं। लायब्रेरी में दुर्लभ, अमूल्य पुस्तकें भी रखी हैं। प्राचीनतम पुस्तक 1473 ई की है।
  • पार्लियामेंट की निचली मंज़िल पर स्पीकर’स गैलेरी में 1867 ई के बाद के नेशनल असेंबली के सभी पूर्व स्पीकर्स के चित्र टंगे हैं। इन की विशेषता है कि प्रत्येक स्पीकर ने अपने मनपसंद चित्रकार से चित्र बनवाया है। 1976-1980 तक नेशनल असेंबली के स्पीकर क्लेमेंट रिचर्ड ने अपना चित्र क्यूबेक के प्रख्यात चित्रकार जीन पॉल लेमिक्स से बनवाया था।

धार्मिक पर्यटन-

यूरोप में जो महत्त्व किलों का है क्यूबेक में वही महत्त्व चर्चों का है। स्थापत्यकला के दृष्टिकोण से ये अद्वितीय संरचनाएँ हैं।

बेसिलिका नोटरे-डेम-द-क्यूबेक

नोटरे-डेम-द-क्यूबेक चर्च का कई बार पुनर्निर्माण हुआ लेकिन वह 1647 ई से अभी तक पुरातन क्यूबेक में अपने मूल स्थान पर ही स्थित है तथा उत्तरी अमेरिका के प्राचीनतम चर्चों में से एक है। बाहर से सामान्य दिखने वाले इस चर्च का नव बराक शैली में निर्मित व अलंकृत आंतरिक भाग मंत्रमुग्ध करने वाला है। । नोटरे-डेम स्वर्ण पत्रों से अलंकृत,ऐतिहासिक, धार्मिक चित्रों तथा फ्रेंच औपनिवेशिक काल के अमूल्य कोश से समृद्ध है। 350 वर्ष पुराने इस कैथेड्रल के तहखाने को देख कर पर्यटक आश्चर्यचकित रह जाते हैं। यहाँ पर नए फ्रांस के चार गवर्नरों के अतिरिक्त आर्चबिशप, कार्डिनल इत्यादि की 900 समाधियाँ हैं।

नोटरे-डेम-दे-विक्टोयर्स चर्च-

अनेक बार ऐतिहासिक जीर्णोद्धार, पुनर्निर्माण के बाद भी नोटरे-डेम-विक्टोएर्स चर्च फ्रेंच शासनकाल से आज तक रॉयल पैलेस का प्रामाणिक भवन है। सैम्यूल चमप्लेन द्वारा स्थापित कॉलोनी के प्रथम भवन के खंडहर पर 1688 ई में इस चर्च का निर्माणकार्य शुरू हुआ था। बमबारी, पुनर्निर्माण, ढहा देने की धमकियों, नव निर्माण इस की महानतम विजय है। वास्तव में यह आज भी अपनी मूल स्थापत्यशैली में खड़ा है। क्यूबेक के प्रथम बिशप फ्रांसिस द लावल ने इस चर्च के निर्माण के लिए कड़ा संघर्ष किया। 17वीं सदी में निर्मित यह चर्च आज भी श्रद्धालुओं, नवविवाहितों, तथा पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। आज भी चर्च की उत्कीर्ण आकृतियों में पुरातन छवि ही प्रतिबिम्बित होती है।

कैथेड्रल ऑफ दी होली ट्रिनिटी-

यह ब्रिटिश द्वीप से बाहर बनने वाला क्यूबेक का पहला कैथेड्रल था। इस का निर्माण 1804 में हुआ था। क्यूबेक के धर्मप्रांत की स्थापना 1793 ई में हुई थी तथा इसके पहले बिशप डॉ. जेकब माउंटेन ने सबसे पहले कैथेड्रल निर्माण की योजना बनाई। मिलिट्री अफसरों विलियम रोब और विलियम हाल ने भवन का डिजाइन किया और 1800-1804 के बीच निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया। 28 अगस्त, 1804 ई को इसका उदघाटन समारोह आयोजित हुआ। सम्राट जॉर्ज iii ने कैथेड्रल के निर्माण का खर्च वहन किया, फोलिओ बाइबल,चांदी के बर्तन तथा पूजा के लिए विशाल प्रार्थना पुस्तकें प्रदान की। 1830 ई में व्हाइट चैपल द्वारा निर्मित बेल टावर में आठ घंटियाँ टंगी हुई थी क्षति ग्रस्त होने पर उनको लंदन के व्हाइट चैपल में मरम्मत के लिए भेजा गया और अप्रैल,2007 में पुनर्स्थापित कर दिया गया।

नेशनल बैटलफील्ड पार्क-

नगर का यह विशाल पार्क किसी समय ब्रिटिश तथा फ्रांस की सेनाओं के बीच भीषण युद्ध स्थल था। एक सदी पहले विकसित पहले बैटलफील्ड पार्क कैनेडा के प्राकृतिक, ऐतिहासिक पार्कों में से एक है। 103 हेक्टेयर भूमि पर फैला यह पार्क चित्ताकर्षक उद्यानों, लताकुंजों, स्मारकों, फव्वारों, स्कीइंग करने के लिए पगडंडियों तथा नदी की मनमोहक दृश्यावली के कारण स्थानीय तथा पर्यटकों का लोकप्रिय भ्रमण स्थल है।

सेंट लारेंस नदी के ऊपर ऊंचाई पर स्थित होने के कारण इसने क्यूबेक की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई। बैटल फील्ड पार्क प्लेन्स ऑफ अब्राहम के बीच है। यहीं पर देश के भाग्य का निर्णय करने वाला ब्रिटिश तथा फ्रेंच सेनाओं के मध्य 1759 में भीषण युद्ध हुआ था। अंततः फ्रांस ने कैनेडा का आधिपत्य ब्रिटेन को सौंप दिया था। पार्क के अतीत के चिन्ह संरक्षित कीलेबंदी में कहीं -कहीं दिखाई पड़ते हैं। मोर्टेलो म्यूज़ियम की डिस्कवरी पैनल में प्लेन्स ऑफ अब्राहम के ऐतिहासिक युद्धों के बारे में जानकारी मिलती है। ऐतिहासिक जानकारी के बाद पार्क के दक्षिण में ग्रे टेरेस से नदी की खूबसूरत दृश्यावली देखिये। उत्तर में जाने पर जोन ऑफ आर्क उद्यान के अगणित सुगंधित पौधों से शरीर महकने लगता है। लताकुंजों में सारे विश्व के 28 प्रजातियों के वृक्ष लगे हैं। ग्रीष्म ऋतु में पार्क की लम्बी पगडंडियों पर चलना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।

आर्टिलरी पार्क-

नगर के पश्चिम में सेंट चार्ल्स नदी के दूसी ओर स्थित आर्टिलरी पार्क 17वीं शताब्दी से सामरिक दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण स्थल है। फ्रेंच औपनिवेशिक काल से 1940 ई तक नगर का इतिहास चार सर्वथा भिन्न भवनों में संरक्षित है। इस स्थल पर निर्मित चार भवनो में से पहाड़ी की एक तरफ झुका हुआ विशाल सफ़ेद दीवारों के सहारे टिका डौफिन रिडौब्त भवन सर्वाधिक आकर्षक है।

इसका निर्माण 1712 ई में आरंभ हो कर 1748 ई में पूरा हुआ था। ब्रिटिश विजय से पहले तथा बाद में यहाँ पर सैनिक छावनी थी। अंत में यह सुपरिन्टेंडेंट का निवास स्थल बन गया। ग्रीष्म ऋतु में यहाँ पर कलाकार तत्कालीन फ्रेंच व ब्रिटिश सैन्य जीवन का सजीव प्रदर्शन करते हैं। कमरों की तत्कालीन विकास प्रक्रिया को भी दर्शाया है। यहाँ पर सामरिक योजना के लिए मिलिट्री इंजीनियर जीन बाप्तिस्ते दुबर्गर द्वारा किया गया 1795-1810 का क्यूबेक नगर का एक चित्ताकर्षक मॉडल भी रखा हुआ है। यह ब्रिटिश विजय के उपरांत नगर योजना की जानकारी का अद्वितीय स्रोत है। पार्क में भ्रमण करना अपने आप में एक सुखद अनुभूति है जबकि म्यूज़ियम ज्ञानवर्धन का अनुपम स्रोत है।

किला-

पिछली दो सदियों से किला केप डायमंड के नीचे अवस्थित है। ब्रिटिश सेना ने इसका निर्माण शत्रु सेना के आक्रमण को रोकने के लिए किया था लेकिन कभी आक्रमण होने की नौबत ही नहीं आई। किला 17वीं सदी की फ्रेंच किलेबंदी का विशिष्ट उदाहरण है। इसको ‘अमेरिका का जिब्राल्टर ‘ भी कहा जाता है। वर्तमान में किला सक्रिय मिलिट्री बेस तथा रॉयल 22 रेजीमेंट की छावनी है। कैनेडियन आर्मी में यह एकमात्र फ्रेंच भाषी रेजीमेंट है।

उत्तरी अमेरिका में यह किला अपनी तरह का विशालतम है। सितारे के आकार में निर्मित पत्थरों की दीवार वाले किले में चार गढ़ हैं। घेराबंदी होने की अवस्था में आवश्यक सामग्री पंहुचाने के लिए कुछ भवन निर्मित किए गए। 1840 ई में एक हॉस्पिटल भी बनाया गया। दो भवनो का निर्माण फ्रेंच शासनकाल में हुआ: 1693 ई में केप ऑफ डायमंड-रिडौब्त और 1750 ई में गोला बारूद का भंडार (Powder Magazine) निर्मित किए गए।

1871 ई में अमेरिका के शांति समझौता होने पर ब्रिटिश सेना ने नगर छोड़ दिया। कैनेडियन सेना के आर्टिलरी विभाग किले में रहने लगा। कैनेडा के गवर्नर जनरल लॉर्ड डफरिन ने इसको अपना आधिकारिक निवास ब्बना लिया। आज बी यह ओटावा के बाद गवर्नर जनरल का यह दूसरा आधिकारिक निवास स्थल है।

रॉयल 22 रेजीमेंट इस अद्वितीय सैन्य धरोहर की संरक्षक है। इसकी सशस्त्र सेना की टुकड़ी आज भी पुरातन परम्पराओं का पालन करती है। गर्मियों में दर्शकों के सामने पूरी मिलिट्री पोशाक-लाल रंग के कपड़े और सिर पर भालू की खाल की कैप में -(Changing of guards) का सजीव प्रदर्शन करते हैं। किले के म्यूज़ियम में अस्त्र-शस्त्र, यूनिफॉर्म्स तथा नगर के 300साल पुराने सैन्य इतिहास की साक्षी वस्तुएँ संग्रहीत हैं।

स्मारक पुस्तिका में 1914 ई के बाद रॉयल 22 रेजीमेंट के शहीद हुए सैनिकों के नाम अंकित है। प्रतिदिन मिलिट्री का एक सदस्य आ कर पृष्ठ पर लिखे नामों को ज़ोर से पढ़ता है। किला अपने आप में अति विशिष्ट धरोहर एवं दर्शनीय स्थल है।

हूरॉन वेंडेट म्यूज़ियम-

सेंट चार्ल्स नदी के किनारे क्यूबेक नगर के केंद्र में वेंडके संरक्षित स्थान पर स्थित है हूरोन वेंडेट म्यूज़ियम। म्यूज़ियम का प्रमुख आकर्षण है हूरोन वेंडेट राष्ट्र के इतिहास और सभ्यता का सजीव चित्रण। 2008 में स्थापित यह म्यूज़ियम वेंडेट राष्ट्र का राष्ट्रीय संस्थान माना जाता है। यहाँ समुदाय की पारंपरिक प्रथाओं को देखा जा सकता है। भवन के भीतर प्रवेश करने से पहले ही इसका शंकु आकार भारतीय स्मोक हाउस की याद दिला देता है। इसकी संरचना शांति और सहनशक्ति की प्रतीक छोटी और घेरेदार है।

यहाँ पर तीन स्थायी प्रदर्शनियाँ हैं- राज्य क्षेत्रीय, संस्मरण तथा ज्ञान। इस अंतरसंबंधी प्रदर्शनी में पुरातन , दुर्लभ वस्तुओं तथा वेंडेके सभ्यता से प्रत्यक्ष साक्षात्कार किया जा सकता है। दुर्लभ वस्तुओं-पोशाक,फर्नीचर,टेक्सटाइल, आभूषण तथा अन्य वस्तुओं को संग्रहीत करने में चालीस वर्ष लग गए।

म्यूज़ियम की निचली मंज़िल पर दर्शक न केवल हूरोन वेंडेट की प्राचीन सभ्यता संस्कृति के बारे में जान पाते हैं अपितु पहले राष्ट्र के लोगों की जीवनशैली से भी परिचित होते हैं। विविध रूपों में संग्रहीत वस्तुएँ कलात्मक एवं मानवविज्ञान की द्योतक हैं।

ल-द-ओर्लीन्स –

1700 ई के ग्रामीण जीवन का सशक्त साक्षी है- ल-द-ओर्लीन्स। क्यूबेक नगर से कार अथवा अन्य वाहन से पंहुचने में पंद्रह मिनट लगते हैं जबकि बाइसिकल से एक घंटे में पंहुचा जा सकता है। द्वीप पर पंहुचने के लिए पुल पार करना पड़ता है। यह प्रांत का सबसे पुराना रिहायशी इलाका है। वर्तमान में यह केवल 34 कि मी में सिकुड़ कर रह गया है। यहाँ पर 600 ऐतिहासिक महत्त्वपूर्ण इमारतें हैं। द्वीप में स्थित फार्म क्यूबेक नगर की रसोइयों को सेब,बेरीस, वाइन, मैपल का शर्बत व अन्य उत्पाद सप्लाई करते हैं। द्वीप में देखने के लिए शिल्पकला की वस्तुएँ, गेलेरियाहैं। खाने के सामान की दुकानों पर बैठ कर विश्राम के साथ-साथ ताज़ा फलों और पेय पदार्थों का स्वाद चखा जा सकता है । सेंट लारेंस नदी की मनमोहक दृश्यावली पर्यटको को मंत्रमुग्ध कर देती है।

विंटर कार्निवल –

1955 ई से क्यूबेक का विंटर कार्निवल सम्पूर्ण विश्व के अगणित पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। यह विश्व का सर्वाधिक विशाल विंटर कार्निवल है। अपनी पारिवारिक, सौहार्दपूर्ण परम्पराओं को सँजोए रखने के कारण यह आज भी क्यूबेक के बर्फीले, ठंडे मौसम में अगणित लोगों के मनोरंजन का ईकेंद्र है। कार्निवल का शुभांकर ‘बोहोमे’ है। इसको मनोरंजन की आत्मा का प्रतीक माना जाता है। कार्निवल के प्रमुख आकर्षण हैं-शुभांकर ‘बोहोमे’ के लिए बर्फ का राजप्रासाद बनाया जाता है। राजप्रासाद के निर्माण में सभी नागरिक बढ़-चढ़ कर भाग लेते हैं। कार्निवल की प्रमुख गतिविधियों का वही केंद्र होता है।

बर्फ से ढकी गलियों में बहुरंगी कार्यक्रमों को देखने के लिए दर्शकों की अपार भीड़ जमा हो जाती है।

आईस केनोए रेस-यह अत्यधिक प्रतिस्पर्धात्म्क खेल है। इसमें सेंट लारेंस नदी के बर्फीले पानी में टीमों को केनोइंग करनी होती है।

विशेष –

अपने आप में रोचक इतिहास समेटे पुरातन क्यूबेक निस्संदेह एक चित्ताकर्षक पर्यटन स्थल है। पूरे विश्व के साथ हवाई मार्ग से सम्बद्ध है। समीपस्थ एयरपोर्ट क्यूबेक से 16 कि.मी दूर जीन लेसेज एयरपोर्ट है। मांट्रियल तथा पुरातन क्यूबेक में प्रतिदिन रेलसेवा उपलब्ध है। पुरातन क्यूबेक की यात्रा किसी भी समय की जा सकती है। किसी भी समय जाने पर वहाँ मनोरंजन के साधन तथा उत्सव पर्यटको को आमंत्रण देने के लिए तैयार रहते हैं। सर्दियों में विंटर कार्निवल स्वागत करने के लिए तैयार रहता है तो गर्मियों में समर फेस्टिवल। आवास-तथा खान-पान भी बजट के अनुरूप सुविधा जनक हैं।

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प्रमीला गुप्ता

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